दो राज कुमारी की हिन्दी कहानी-Rajkumari Story Hindi

दो राज कुमारी की हिन्दी कहानी-Rajkumari Story Hindi

 

एक नगर में एक राजा रहा करता था। जिसकी दो पुत्री थी, एक का नाम नैना और दूसरे का नाम प्रिया नैना बहुत सीधी साधी लड़की थी,वह दयालु और भोली_ भाली भी थी। परंतु प्रिया अपने खूबसूरती पर बहुत गुरुर करती थी।

एक दिन राजा के दरबार में एक समारोह था। जिसमें दूर-दूर के राजा और राजकुमार आए थे, जिसमें से एक राजकुमार को प्रिया पसंद आ गई। और प्रिया को भी वह राजकुमार पसंद आ गया, क्योंकि राजकुमार भी बहुत खूबसूरत था, परंतु नैना को किसी ने नहीं देखा जिससे वह बहुत ही उदास थे।

कुछ समय के बाद समारोह खत्म होने के बाद वह घूमते घूमते जंगल की तरफ चल गई तभी एक जंगल के रास्ते में एक साधु दिखाई दिया। साधु रोका नैना को साधु बोला तुम क्यों इतनी उदास हो परंतु नैना ने कुछ भी उत्तर नहीं दिया।

 

 

और जंगल की ओर जाती रही आगे जाकर एक हिरण दिखाई पड़ता है। जो झाड़ियों में फंसा हुआ था, जिसे नैना ने देखकर उसे तुरंत झाड़ियों से छुटकारा दिलाया, वह हिरण बहुत ही खूबसूरत था।

नैना बोली तुम कितनी खूबसूरत हो हिरण ने भी बोला धन्यवाद नैना अचानक बोली तुम बोल सकते हो हिरण बोला हां, जाओ नैना तुम आगे बढ़ो नैना यह बात सुनकर आगे बढ़ती रही जंगल की और तभी उसे एक मोर दिखाई पड़ता है,

जाल से फंसा हुआ था, नैना जाकर उसे जाल से मुक्त करती है, और और वह भी बहुत ही खूबसूरत मोर है। नैना फिर से बोली मोर को तुम कितनी खूबसूरत हो मोर ने भी बोला धन्यवाद फिर से चमभीत हो गई, नैना क्या तुम भी बोल सकते हो मोर ने बोला हां और मोर् यह भी बोला तुम आगे बढ़ते रहो नैना ।

 

नैना पमोर की बात मानकर वह आगे बढ़ता गया तभी उसे एक जंगल में विशाल पेड़ दिखाई पड़ा जो बहुत ही सूखा था, जैसा कि उसमें पानी की कमी है। यह देखकर नैना उसे पास की नदी से पानी डाली पहले पेड़ यह देखकर हरा भरा हो उठा

और नैना से कहा तुम बहुत ही नेक दिल लड़की हो बोलो नैना तुम्हें क्या चाहिए मैं ना बोलती है मुझे कुछ भी नहीं चाहिए तभी पेड़ बोलता है कि तुम जिस नदी से मुझे पानी ला कर दिए हो उस नदी में जाकर तुम डुबकी लगाओ और

फिर तुम घर जाओ नैना डुबकी लगाकर अपने घर गई उसकी बहन प्रिया देखकर बहुत ही हैरान हो गई की नैना इतनी खूबसूरत कैसे हो गई तभी नैना अपनी बहन प्रिया को सारी बात बताती है और प्रिया जंगल की ओर चलती है

उसे वही साधु और मोर दिखाई पड़े परंतु उनको अंजाना करते हुए आगे बढ़ा पेड़ की ओर पेड़ के पास जाकर बोलती है प्रिया हे वृक्ष मुझे भी मेरी बहन नैना की तरफ मुझे भी खूबसूरत बना दो पेड़ बोलता है मैं तुम्हें खूबसूरत क्यों बना बताओ

तुम ऐसा कोई काम किया है जो किसी का भला हुआ हो । यह सुन कर दिया बहुत उदास हो गई और क्या बोला जाओ तुम अपनी बहन से मिल जुल कर रहो और दूसरों की भी मदद करो यही तुम्हारी सुंदरता है इससे अच्छा और कोई सुनता नहीं है दुनिया में वाह अपने घर जाती है और मैना को गले से लगाती है और दीदी का कर बुलाती है।

यह कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए और अपनी खूबसूरती पर घमंड नहीं करना चाहिए

 

 

चतुर और चालक मोची in hindi moral story। हिंदी कहानी।

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